आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की आल इंडिया फ्रंट कमेटी की 28 जुलाई 2022 को आयोजित वर्चुअल मीटिंग में हुई बातचीत के मुख्य अंश

          बैठक में रायचूर में हुए सम्मेलन की रिपोर्ट रखते हुए बताया गया कि रायचूर में मित्र संगठन कर्नाटक जनशक्ति के सम्मेलन में आइपीएफ का प्रतिनिधित्व अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने किया और आइपीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. आर. दारापुरी द्वारा सम्मेलन में बधाई संदेश भेजा गया। बैंगलुरू में कर्नाटक जनांदोलन महामैत्री व अन्य संगठनों ने एक बैठक 25-26 जून को बुलाई थी। जिसमें विभिन्न धारा के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया इसमें आइपीएफ की तरफ से एस. आर. दारापुरी ने शिरकत की। बैठक में कारपोरेट और साम्प्रदायिकता के खिलाफ मिलकर लड़ने का फैसला हुआ। इसी क्रम में 10 जुलाई को दिल्ली में सर्वोदय और संघर्ष वाहनी के कुछ पुराने साथियों ने बैठक सहसम्मेलन आयोजित किया। जिसमें नागरिक समाज, जन संगठनों व कुछ एक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। इस बैठक में अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने हिस्सा लिया और बैठक में बोलते हुए कहा कि अभी जो भाजपा का हमला है वह राजनीतिक है इसलिए सभी ताकतों को मिलकर राजनीतिक तौर पर इसका मुकाबला करना होगा और गैर चुनावी ही सही एक बड़े राजनीतिक मंच बनाने की तरफ बढ़ना होगा। बैठक में रोजगार आंदोलन के प्रतिनिधि युवा हल्ला बोल और युवा हुंकार के भी लोग शामिल रहे, युवा मंच ने भी बैठक का समर्थन किया। अगले दिन 11 जुलाई को भी कुछ प्रतिनिधियों की बैठक हुई और उसमें यह विचार विमर्श हुआ कि ‘देश बचाओ अभियान’ चलाया जाए। 13-14 अगस्त 2022 को बनारस में सर्वोदय और अन्य संगठनों द्वारा दो दिवसीय सम्मेलन है जिसमें इन मुद्दों पर चर्चा होगी इस सम्मेलन में अखिलेन्द्र प्रताप सिंह और एस. आर. दारापुरी हिस्सा लेंगे। 
     बैठक में पाया गया कि समाज में विघटन, महंगाई और बेकारी का जो दौर चल रहा है उसके लिए विश्व की बड़ी कारपोरेट पूंजी मुख्य रूप से जिम्मेदार है और हिन्दुत्व की ताकतों को उसका भरपूर समर्थन है। इस पूरी तबाही, बर्बादी, महंगाई के लिए विश्व पूंजी और हिन्दुत्व का गठबंधन ही जिम्मेदार है। यह भी याद रखना होगा कि विश्व पूंजी के खिलाड़ी खासतौर पर अडानी व अंबानी भी हो गए हैं। आज के दौर में हिन्दुत्व के हमले और विश्व पूंजी के भारत में दखल के खिलाफ आर्थिक राष्ट्रवाद को लोकप्रिय ढंग से उठाने की जरूरत है। यहीं यह नोट किया गया कि विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस हिन्दू धर्म और हिन्दुत्व में तो फर्क करती है और हिन्दुत्व के खिलाफ लड़ने की बात भी करती है लेकिन इसे बल देने वाली ग्लोबल कैपिटल के खिलाफ उसकी आर्थिक नीतियों पर कुछ नहीं बोलती। बैठक में महसूस किया गया कि इसीलिए भाजपा के खिलाफ विपक्ष भरोसेमंद ताकत नहीं बन पा रहा है। बड़ी पूंजी और हिन्दुत्व गठबंधन के खिलाफ जनगोलबंदी को करके ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के देश को हिन्दू राष्ट्र में तब्दील करने के राजनीतिक मंसूबे को शिकस्त दी जा सकती है। 

   बैठक में यह तय किया गया कि नौकरी देने के लिए सीधे तौर पर सरकार ही जिम्मेदार है। इसलिए हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की सरकार से मांग करनी होगी। जहां तक इस पर व्यय होने वाले धन की बात है यदि केन्द्र सरकार कारपोरेट घरानों पर सम्पत्ति और उत्तराधिकार कर लगाए तो यह खर्चा वहन किया जा सकता है। इसके साथ किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी हेतु कानून, श्रम कानूनों को खत्म कर बनाई श्रम संहिताओं को रद्द करना, सामाजिक सुरक्षा के तहत शिक्षा और स्वास्थ्य के अधिकार की गारंटी जैसे सवालों को मजबूती से उठाना होगा।
      इसके अलावा आइपीएफ का प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन 2023 में पटना में करने पर बैठक में विचार विमर्श हुआ। आइपीएफ की वेबसाइट aipfr.org चालू है, वेबसाइट में पार्टी की प्रस्तावना, संविधान और नीति लक्ष्य व महत्वपूर्ण लेख है इसे प्रचारित करने व सभी साथियों से विजिट करने की भी अपील की गई। 

डा. परमानंद प्रसाद पाल
राष्ट्रीय महासचिव
आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट