आइपीएफ ने कोल के जनजाति दर्जे के लिए उ0 प्र0 सरकार को भेजा पत्र

लखनऊ, 23 सितम्बर 2022,  
 
        उत्तर प्रदेश में कोल आदिवासी जाति की बहुत बड़ी आबादी है। जिसके साथ बड़ा अन्याय हो रहा है। अनुसूचित जनजाति का दर्जा न मिलने से वे वनाधिकार कानून में भूमि के अधिकार से वंचित हो रहे है और शैक्षणिक संस्थाओं व सरकारी सेवाओं में भी उन्हें यथोचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। 2013 में राज्य सरकार ने नृजातीय सर्वे के साथ कोल को जनजाति का दर्जा देने का प्रस्ताव जनजाति कल्याण मंत्रालय भारत सरकार को भेजा था परन्तु आजतक इस सम्बंध में कार्यवाही नहीं हुई। इसलिए कोल जाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के लिए राज्य सरकार पुनः विधि के अनुरूप प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजे और उससे आग्रह करे कि वह कोल जाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के लिए आवश्यक विधिक, विधायी व प्रशासनिक कार्यवाही करे। यह मांग आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) के संस्थापक सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार को भेजे अपने पत्र में उठाई। प्रेस को जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने को आदिवासियों का बड़ा हितैषी बताती है। उसकी ही केन्द्र व राज्य दोनों जगह सरकार है ऐसे में वह चाहे तो कोल को जनजाति का दर्जा मिल सकता है। इस सम्बंध में उसे कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो दल सामाजिक न्याय की राजनीति करते है उन्हें भी केन्द्र व राज्य सरकार पर इस सम्बंध में दबाब बनाना चाहिए ताकि कोल जाति को उसका संवैधानिक अधिकार प्राप्त हो सके।