‘उत्तर प्रदेश बचाओ-उत्तर प्रदेश बनाओ’ अभियान
युवा संकल्प सभा
स्थान: गंगा प्रसाद मेमोरियल हाल, अमीनाबाद, लखनऊ। दिनांक: 28 अक्टूबर, 2015, बुधवार, 10 बजे से।

ऽ हाईकोर्ट के आदेश के अनुरुप शिक्षकों के रिक्त पड़े 2 लाख 26 हजार पदों और दस लाख खाली पदों को तत्काल प्रभाव से भरा जाए!
ऽ चयन प्रक्रिया शुल्कमुक्त, पारदर्शी, विधिसम्मत तथा भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद व भेदभाव से मुक्त हो!
ऽ प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत कामगारों के सम्मानजनक वेतन तथा सेवाशर्तांे की गारंटी की जाए!
ऽ आईटीआई व व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं की मजबूती और तकनीकी श्रमिकों के स्वरोजगार हेतु सस्ते दर पर ऋण व जमीन उपलब्ध
कराने की गारंटी की जाए!
ऽ रोजगार को मौलिक अधिकार बनाया जाए!
मित्रो,
राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) 2013 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 15 से 35 वर्ष की आयु वर्ग के 01 करोड़
32 लाख बेरोजगार हंै, वहीं प्रदेश में सरकारी नौकरियों के दसियों लाख पद खाली पड़े हुए हंै। उच्च न्यायालय तक को कहना पड़ा कि
2 लाख 26 हजार से ज्यादा शिक्षकों के खाली पदों को भरा जाए। हालत इतनी बुरी है कि प्रदेश में सचिवालय के 368 चपरासी के पदों
की भर्ती के लिए 23 लाख लोगों ने आवेदन किया है, जिसमें 2 लाख के ऊपर पीएचडी, स्नातक, स्नातकोत्तर, बीटेक, एमटेक,
एमबीए डिग्रीधारी हंै।
चयन आयोग/चयन समितियों के पदाधिकारियों की नियुक्तियां हाईकोर्ट द्वारा निरस्त की गयी हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग
के अध्यक्ष की हाई कोर्ट द्वारा बर्खास्तगी एक ताजातरीन घटना है। प्रदेश में जो नियुक्तियां की जा रही हंै उन पर भी सरकार की
लापरवाही, प्रशासनिक उदासीनता एवं तकनीकी खामियों की वजह से कोर्ट द्वारा रोक लग जा रही है। एक तरफ जहां बेरोजगारों से
आवेदन शुल्क के नाम पर अरबों रुपए ऐंठ लिए जा रहे हैं, वहीं पैसे और भाई-भतीजावाद के बल पर अनेक मामलों में योग्य पात्र
नौकरियों से वंचित रह जाते हैं। जाहिर है कि सरकार नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। पिछले बीस सालों से प्रदेश में
औद्योगीकरण ठप्प है, कृषि विकास अवरुद्ध है और लघु व कुटीर उद्योग बर्बाद हो गए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण
जैसे रोजगार-उत्पादक क्षेत्रों में निवेश बेहद कम है। शापिंग माल, काल सेन्टर्स जैसे सेवा क्षेत्रों में जहां नौकरियां मिल भी रही हंै, वहां
उनकी योग्यता और जरूरत के अनुरूप वेतन बेहद कम है। प्रदेश में रोजगार सृजन के सारे रास्ते बंद हंै।
मित्रो, ऐसे में हम आपको आमंत्रित करते हैं कि 28 अक्टूबर को राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘युवा संकल्प सभा‘ में शामिल
हों। आपको सम्मानजनक रोजगार, षिक्षा के अधिकार को प्राप्त करने के लिए संकल्प लेना है। परिवारवाद/वंषवाद, महंगाई, भ्रष्टाचार के
साथ ही नफरत व साम्प्रदायिक जुनून के खिलाफ भी मजबूती से संकल्प लेना है। आपकी इस संकल्प सभा में डा० सूर्य प्रताप सिंह,
वरिष्ठ आईएएस, सरदार वी० एम० सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मजदूर संगठन, इलियास आजमी, पूर्व सांसद, एस० आर० दारापुरी,
राष्ट्रीय प्रवक्ता, आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ), शाहिद सिद्दीकी, वरिष्ठ पत्रकार, नाहिद अकील, मो० अदीब पूर्व सांसद,
अखिलेन्द्र प्रताप सिंह, संयोजक, आइपीएफ मौजूद रहेंगे।
निवेदक
(लाल बहादुर सिंह) (तारिक सिद्दीक़ी) (आर० डी० कुरील)
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ, स्वागताध्यक्ष सह संयोजक
पूर्व अध्यक्ष,
संयोजक